Saturday, January 24, 2026

युवक से ऑनलाइन ट्रेडिंग एप के नाम पर 13.90 लाख की साइबर ठगी

व्हाट्सएप ग्रुप से जोड़कर फर्जी प्रॉफिट दिखाया, IPO पेंडिंग का बहाना बनाकर ऐंठी रकम

भिलाई : न्यूज़ 36 : ऑनलाइन ट्रेडिंग में मोटे मुनाफे का लालच देकर साइबर ठगों ने खुर्सीपार भिलाई निवासी एक युवक से 13 लाख 90 हजार रुपये की ठगी कर ली। पीड़ित की शिकायत पर रेंज साइबर थाना दुर्ग में आरोपियों के विरुद्ध धारा 318 (2), 318 (4) एवं 336(3) बीएनएस के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ कर दी गई है।

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रेंज साइबर थाना भिलाई ने बताया कि पीड़ित मनीष कुमार गजपाल (39 वर्ष) पिता स्व. चितरंजन प्रसाद, निवासी शहीद वीरनारायण सिंह नगर, खुर्सीपार भिलाई हैं।

व्हाट्सएप लिंक से शुरु हुआ साइबर फ्राड

पीड़ित ने पुलिस को बताया कि माह नवंबर 2025 में उनके मौबाइल पर एक अज्ञात नंबर से व्हाट्‌सएप लिंक प्राप्त हुआ, जिसमें ट्रेडिंग ग्रुप से जुड़ने का आमंत्रण था। लिंक पर क्लिक करने के बाद उन्हें “Stock Flights D2” नामक व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ा गया, जहां अन्य सदस्यों द्वारा लगातार भारी मुनाफे के स्क्रीनशॉट साझा किए जा रहे थे।

GTSS LLC एप डाउनलोड कराकर दिखाया फर्जी लाभ

कुछ दिनों तक ग्रुप की गतिविधि देखने के बाद पीड़ित को GTSS LLC नामक ट्रेडिंग एप डाउनलोड कराया गया। एप में निवेश की गई राशि और मुनाफा दिखाई देने लगा, जिससे पीड़ित का भरोसा बढ़ गया।

कई खातों में डलवाई गई रकम

आरोपियों के निर्देश पर पीड़ित ने अलग-अलग बैंक खातों में चरणबद्ध तरीके से रकम ट्रांसफर की ये है विवरण :

16 दिसंबर 2025 को ₹50,000

18 दिसंबर 2025 को ₹90,000

31 दिसंबर 2025 को ₹3,00,000

04 जनवरी 2026 को ₹1,00,000

05 जनवरी 2026 को ₹4,00,000

06 जनवरी 2026 को ₹2,50,000

इस प्रकार कुल ₹13,90,000 विभित्र खातों में जमा कराए गए।

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IPO पेंडिंग का बहाना, पैसा फंसा : जब पीड़ित ने राशि निकालने का प्रयास किया तो एप में सेल ऑप्शन काम नहीं कर रहा था। पूछताछ करने पर ग्रुप एडमिन और अन्य मोबाइल नंबरों से बताया गया कि पीड़ित का पैसा IPO में फंसा हुआ है, और जब तक अतिरिक्त भुगतान नहीं किया जाएगा, तब तक विथड्रॉल संभव नहीं है।

1930 पर शिकायत, साइबर थाना में केस दर्ज

ठगी की आशंका होने पर पीड़ित ने साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद रेंज साइबर थाना दुर्ग में अपराध पंजीबद्ध किया गया। पुलिस द्वारा संबंधित मौबाइल नंबरों, बैंक खातों, व्हाट्सएप ग्रुप और ट्रेडिंग एप की तकनीकी जांच की जा रही है।

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