6 खातेदारको के खिलाफ दुर्ग पुलिस ने की कार्यवाही
भिलाई : न्यूज़ 36 : साइबर फ्रॉड की राशि के संबंध में विशेष अभियान चलाकर 06 खाता धारकों पर दुर्ग पुलिस के द्वारा कार्यवाही की गई है। जांच में पुलिस ने पाया कि विभित्र बैंकों के खातों के चेक के माध्यम से धोखाधड़ी की राशि का लेन-देन किया गया है। दीगर राज्यों से प्राप्त सूची के खातों को चिन्हित कर वैधानिक कार्रवाई प्रारंभ की गई है। प्रकरणों में अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना जारी है।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मणि शंकर चंद्र ने बताया कि वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में जिले में दर्ज साइबर धोखाधड़ी प्रकरणों की समीक्षा के दौरान यह तथ्य सामने आया कि विभिन्न बैंकों के खातों में ठगी की राशि प्राप्त कर चेक एवं अन्य माध्यमों से निकासी की गई है। 11 फरवरी 2026 को विशेष टीम गठित कर अभियान चलाया गया, जिसमें 06 खाता धारकों को चिन्हित कर पूछताछ एवं वैधानिक कार्यवाही की गई।
जांच में पाया गया कि संबंधित खातों के माध्यम से विभिन्न जिलों में दर्ज कुल 26 शिकायतों की राशि का लेन-देन हुआ है। एक प्रकरण में 13,00,000/-रुपये, अन्य प्रकरणों में 15,000/- रुपये, 38,800/- रुपये एवं 50,00,000/- रुपये तक की राशि का संदेहास्पद लेन-देन पाया गया। संबंधित प्रकरणों में पूर्व से अपराध पंजीबद्ध हैं तथा अन्य में अपराध क्रमांक दर्ज कर विवेचना की जा रही है। उक्त कार्यवाही में साइबर सेल दुर्ग के प्रभारी अधिकारी, उप निरीक्षक स्तर के अधिकारियों एवं तकनीकी टीम की सक्रिय एवं समन्धित भूमिका रही।
घटनास्थल : जिला दुर्ग अंतर्गत विभिन्न बैंक शाखाएँ एवं संबंधित खाता संचालन स्थल
संदेही का नाम : 1. रुपेश बंजारे, निवासी दुर्ग
2. आज़ेन्द्र साहू, निवासी दुर्ग
3. जावेद शेख, निवासी दुर्ग
4. सरस्वती निषाद, निवासी दुर्ग
5. हेमा बिनानी, निवासी दुर्ग
6. अभिषेक गुप्ता, निवासी दुर्ग
जप्त सामग्री : संबंधित बैंक खातों के दस्तावेज
लेन-देन संबंधी अभिलेख, चेक एवं अन्य बैंकिंग दस्तावेज
सराहनीय भूमिका :
उक्त कार्यवाही में साइबर सेल दुर्ग के प्रभारी अधिकारी, उप निरीक्षक स्तर के अधिकारियों एवं तकनीकी टीम की सक्रिय एवं समन्धित भूमिका रही।
दुर्ग पुलिस की अपील : दुर्ग पुलिस नागरिकों से अपील करती है कि किसी भी प्रकार की साइबर ठगी से संबंधित कॉल, लिंक या बैंकिंग जानकारी साझा न करें। किसी भी संदिग्ध लेन-देन की सूचना तत्काल साइबर हेल्पलाइन 1930 अथवा निकटतम थाना में दें। साइबर अपराध में संलिष्ठ पाए जाने पर कड़ी वैधानिक कार्यवाही की जाएगी।
