दुर्ग : न्यूज़ 36 : शहर में बढ़ते ई-चालान के जुर्माने को लेकर सियासत तेज हो गई है। दुर्ग शहर जिला कांग्रेस कमेटी की महामंत्री निकिता मिलिंद ने कड़ा विरोध जताते हुए कहा कि यातायात नियमों के नाम पर आम जनता से वसूली की जा रही भारी-भरकम जुर्माना राशि लोगों को आर्थिक रूप से तोड़ रही है।
उन्होंने कहा कि महंगाई के दौर में पहले से ही परेशान गरीब, मजदूर, छात्र और मध्यमवर्गीय परिवारों पर ₹2000 से ₹5000 तक के ई-चालान किसी झटके से कम नहीं हैं। छोटी-छोटी गलतियों पर इतना बड़ा जुर्माना पूरी तरह अनुचित है।निकिता मिलिंद ने साफ कहा कि नियम जरूरी हैं, लेकिन संवेदनशीलता भी उतनी ही जरूरी है। पहली बार गलती करने वालों को चेतावनी, छोटे मामलों में कम जुर्माना और तकनीकी खामियों की जांच जैसी व्यवस्था लागू होनी चाहिए, ताकि जनता को राहत मिल सके।
उन्होंने पुलगांव चौक के कैमरों पर भी सवाल उठाए। कहा कि अंजोरा, पुलगांव, अंडा और गंजपारा क्षेत्र के लोग तकनीकी गड़बड़ी, सिग्नल की अस्पष्टता और ट्रैफिक दबाव के चलते अनावश्यक चालान का शिकार हो रहे हैं, जिससे लोगों में नाराजगी बढ़ रही है।
कांग्रेस ने मांग की है कि कैमरों की कार्यप्रणाली की समीक्षा कर आम नागरिकों को राहत दी जाए। चेतावनी देते हुए कहा गया कि अगर जल्द फैसला नहीं लिया गया तो इस मुद्दे पर बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
