फर्जी नियुक्ति पत्र थमाने वाले तीन आरोपी गिरफ्तार
भिलाई : न्यूज़ 36 : वन विभाग में रेंजर के पद पर नौकरी लगाने का झांसा देकर 8 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने के मामले में भिलाई भट्ठी पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने प्रार्थी के बेटे को शासकीय नौकरी दिलाने का भरोसा दिलाकर रकम लेने के बाद मंत्रालय से जारी होने का दावा करते हुए फर्जी नियुक्ति प्रमाण पत्र भी दिया था। नौकरी नहीं लगने पर रकम वापस मांगने पर आरोपी लगातार टालमटोल करते रहे।
पुलिस के मुताबिक सेक्टर-02 भिलाई निवासी दिनेश कुमार ने 9 अगस्त 2026 को थाना भिलाई भट्ठी में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के अनुसार वर्ष 2023 में आरोपियों ने उसके बेटे को वन विभाग में रेंजर के पद पर नौकरी लगवाने का भरोसा दिलाया था। इसके एवज में अलग-अलग समय में कुल 8 लाख रुपये लिए गए।
मंत्रालय का फर्जी नियुक्ति पत्र दिखाकर जीता भरोसा
आरोपियों ने प्रार्थी को विश्वास में लेने के लिए मंत्रालय से जारी होने का दावा करते हुए एक नियुक्ति प्रमाण पत्र भी दिया। बाद में जब बेटे की नौकरी नहीं लगी तो प्रार्थी ने आरोपियों से रकम वापस मांगी। आरोपियों ने रकम लौटाने के बजाय लगातार बहाने बनाकर उसे टालना शुरु कर दिया। इसके बाद प्रार्थी को अपने साथ ठगी होने का संदेह हुआ और उसने पुलिस से शिकायत की।
शिकायत के आधार पर पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर जांच शुरु की। विवेचना के दौरान पुलिस टीम ने आरोपियों के संभावित ठिकानों पर दबिश देकर उन्हें हिरासत में लिया। पूछताछ और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर तीनों आरोपियों को 11 अगस्त को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।
आरोपी गिरफ्तार : पुलिस ने मामले में भारतेन्दु मेश्राम (36), निवासी कांकेर, हनी श्रेष्ठ (42), निवासी कोहका, स्मृति नगर, भिलाई तथा भोजेन्द्र कुमार (32), निवासी ग्राम टिकरी अर्जुनी, जिला बालोद को गिरफ्तार किया है।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से फर्जी नियुक्ति प्रमाण पत्र सहित प्रकरण से संबंधित दस्तावेज एवं अन्य सामग्री के संबंध में कार्रवाई की है। मामले में लेनदेन और अन्य तथ्यों की विवेचना जारी है।
नौकरी के नाम पर रकम देने से पहले पुलिस ने की सत्यापन की अपील
दुर्ग पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि शासकीय नौकरी, नियुक्ति या किसी विभाग में पद दिलाने के नाम पर किसी व्यक्ति को रकम देने से पहले संबंधित विभाग से नियुक्ति और भर्ती प्रक्रिया की स्वतंत्र रूप से पुष्टि जरुर करें। संदिग्ध गतिविधि या नौकरी के नाम पर ठगी की जानकारी मिलने पर तत्काल पुलिस को सूचना दें।
