बिलासपुर : न्यूज़ 36 : 18 अक्टूबर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल की याचिका को खारिज कर दिया है। चैतन्य ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा शराब घोटाला से जुड़े मनी लॉन्डिंग मामले में की गई अपनी गिरफ्तारी को असंवैधानिक बताते हुए रद्द करने की मांग की थी।
चैतन्य बघेल फिलहाल रायपुर की केंद्रीय जेल में न्यायिक हिरासत में हैं। उन्होंने अदालत में दलील दी थी कि ईडी ने तीन साल से अधिक समय तक जांच की, लेकिन उन्हें पीएमएलए एक्ट की धारा 50 के तहत कभी भी समन जारी नहीं किया। इसके बावजूद 18 जुलाई 2025 को उनकी गिरफ्तारी की गई।
याचिका में यह भी कहा गया था कि 10 मार्च 2025 को तलाशी के चार महीने बाद गिरफ्तारी की गई, जो मनमानी और गैरकानूनी है। चैतन्य पक्ष ने इसे प्रक्रिया में गंभीर त्रुटि बताया।
वहीं, ईडी की ओर से प्रस्तुत जवाब में गिरफ्तारी को कानूनी और आवश्यक कार्रवाई बताया गया। एजेंसी ने अदालत को बताया कि जांच के दौरान पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद ही गिरफ्तारी की गई थी।
दोनों पक्षों को सुनने के बाद हाई कोर्ट ने कहा कि गिरफ्तारी में किसी तरह की कानूनी खामी नहीं पाई गई, इसलिए चैतन्य बघेल की याचिका निरस्त की जाती है।
