श्रेया अस्पताल के प्रबंधक व डॉक्टर गिरफ्तार
दुर्ग : न्यूज़ 36 : चिकित्सकीय लापरवाही से महिला की मृत्यु के मामले में धमधा पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए श्रेया अस्पताल के प्रबंधक एवं संबंधित डॉक्टर को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बी.एन.एस.) की धारा 106 (1) एवं 3(5) के तहत मामला दर्ज किया गया है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक दुर्ग ग्रामीण मणि शंकर चंद्रा ने बताया कि प्रार्थी चिरज वर्मा ने थाना धमधा में लिखित आवेदन प्रस्तुत कर रिपोर्ट दर्ज कराई थी।

उन्होंने बताया कि 10 अक्टूबर 2025 की रात करीब 10 बजे उनकी माता पदमाबाई वर्मा (उम्र 57 वर्ष) घर के आंगन में गिर गई थीं, जिससे उनके पैर में गंभीर चोट आई और वे चलने-फिरने में असमर्थ हो गई। इसके बाद 11 अक्टूबर 2025 को उन्हें इलाज के लिए श्रेया अस्पताल एंड डायग्नोस्टिक सेंटर, धमधा में भर्ती कराया गया। अस्पताल में 13 अक्टूबर 2025 को उनके पैर का ऑपरेशन किया गया। ऑपरेशन के अगले दिन 14 अक्टूबर 2025 को उनकी हालत बिगड़ गई और सांस तेज चलने लगी, जिस पर अस्पताल प्रबंधन द्वारा उन्हें हायर सेंटर रेफर किया गया।
परिजनों के अनुसार, मरीज को बिना उनकी सहमति के रेफर किया गया तथा रेफर करते समय एम्बुलेंस में समुचित चिकित्सकीय देखरेख एवं डॉक्टर की व्यवस्था नहीं थी। श्रेया अस्पताल के स्टाफ द्वारा एम्बुलेंस से पदमाबाई वर्मा को शंकराचार्य अस्पताल, जुनवानी ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
पुलिस जांच में यह तथ्य सामने आया कि अस्पताल प्रबंधन एवं संबंधित डॉक्टर की उपेक्षापूर्ण एवं लापरवाहीपूर्ण चिकित्सकीय कार्यप्रणाली के कारण ही मरीज की मृत्यु हुई। इस आधार पर थाना धमधा में धारा 106 (1), 3(5) बी.एन.एस. के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना शुरु की गई।

विवेचना के दौरान पर्याप्त साक्ष्य पाए जाने पर पुलिस ने आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार किया।
गिरफ्तार आरोपी : मनीष राजपूत (42 वर्ष), पिता रामसिंह राजपूत, निवासी ग्राम भरनी, जिला दुर्ग,(प्रबंधक, श्रेया अस्पताल धमधा), डॉ. अभिषेक पाण्डेय, पिता अनिल कुमार पाण्डेय, निवासी मॉडल भिलाई, चौकी स्मृति नगर, थाना सुपेला, पुलिस ने दोनों आरोपियों को न्यायालय में प्रस्तुत कर वैधानिक कार्यवाही शुरू कर दी है। मामले की विस्तृत विवेचना जारी है।
