Tuesday, March 24, 2026

बिहान योजना : बदली नील की किस्मत, प्रतिमाह कमा रहीं 50 हजार

रायपुर : न्यूज़ 36 : कभी सीमित आय में जीवन यापन करने वाली नील दिवाकर अब “लखपति दीदी” के रूप में अपनी पहचान बना रही हैं। मुंगेली जिले के विकासखण्ड लोरमी अंतर्गत ग्राम डेरहाकापा की निवासी श्रीमती नील दिवाकर आज स्व-सहायता समूह से जुड़कर आत्मनिर्भरता की मिसाल बन चुकी हैं। समूह से जुड़ने से पहले नील की आर्थिक स्थिति काफी कमजोर थी।

उनके परिवार की आय का मुख्य साधन एक छोटे सेडबरी में किया जाने वाला मछली पालन था, जिससे बहुत ही कम आय प्राप्त होती थी और परिवार की आवश्यकताएं भी पूरी नहीं हो पाती थीं।

नील ने बताया कि उन्होंने राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के अंतर्गत ‘गुरु बालक दास महिला स्व-सहायता समूह’ से जुड़कर समूह की गतिविधियों में भाग लेना शुरू किया। समूह के माध्यम से उन्हें रिवॉल्विंग फंड, कम्युनिटी इन्वेस्टमेंट फंड, बैंक लिंकेज एवं सीएलएफ से ऋण राशि प्राप्त हुई।

प्राप्त ऋण का सदुपयोग करते हुए नील दिवाकर ने 01 एकड़ डबरी में व्यवस्थित रूप से मछली पालन का कार्य प्रारंभ किया। बड़े पैमाने पर उत्पादन होने से उनकी आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई। जहां पहले उनकी मासिक आय लगभग 15 हजार रुपये थी, वहीं अब बढ़कर लगभग 50 हजार रुपये तक पहुंच गई है। उनकी वार्षिक आय भी अब करीब 06 लाख रुपये हो गई है।

आर्थिक सशक्तिकरण के साथ उनके जीवन में कई सकारात्मक बदलाव आए हैं। परिवार का जीवन स्तर बेहतर हुआ है, बच्चों की शिक्षा एवं स्वास्थ्य सुविधाओंमें सुधार हुआ है और वे आत्मनिर्भर बनकर समाज में एक नई पहचान स्थापित कर चुकी हैं। नील दिवाकर अब अपने व्यवसाय का विस्तार करते हुए 02 एकड़ डबरी में मछली पालन कर रही हैं, जिसमें उन्होंने लगभग 30 हजार मछली बीज का उपयोग किया है। वे न केवल स्वयं सशक्त हो रही हैं, बल्कि अपने गांव की अन्य महिलाओं को भी स्व-सहायता समूह से जुड़कर आजीविका अपनाने और आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित कर रही हैं।

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