58 करोड़ से 110 करोड़ पहुंची लागत, सड़क निर्माण में देरी से जनता परेशान
दुर्ग : न्यूज़ 36 : शहर के धमधा नाका स्थित रेलवे ओवरब्रिज की जर्जर स्थिति और शहर की प्रमुख सड़कों के निर्माण में हो रही देरी को लेकर वरिष्ठ कांग्रेस नेता एवं पूर्व विधायक अरुण वोरा ने PWD अधिकारियों से मुलाकात कर चिंता जताई।
वोरा ने अधिकारियों से ओवरब्रिज का तकनीकी निरीक्षण कराने और महाराजा चौक से बोरसी तथा जेल चौक से मिनीमाता चौक, पुलगांव तक फोरलेन सड़क निर्माण में तेजी लाने की मांग की।
40 साल पुराना ब्रिज, मोतीलाल वोरा ने किया था उद्घाटन
धमधा नाका ओवरब्रिज लगभग चार दशक पुराना है। इसका उद्घाटन तत्कालीन मुख्यमंत्री मोतीलाल वोरा एवं तत्कालीन रेल मंत्री माधवराव सिंधिया ने किया था। वोरा ने कहा कि यह ब्रिज शहर के प्रमुख आवागमन मार्गों में है, जहां से प्रतिदिन हजारों लोग गुजरते हैं। इसकी जर्जर स्थिति की अनदेखी नागरिकों की सुरक्षा के लिहाज से खतरनाक है। यदि समय रहते मरम्मत नहीं हुई तो गंभीर हादसे से इनकार नहीं किया जा सकता।
उन्होंने बताया कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में 2020 में इस ब्रिज परियोजना के लिए 58 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई थी, अब इसकी अनुमानित लागत बढ़कर लगभग 110 करोड़ रुपये पहुंच गई है। लागत में इतनी वृद्धि और परियोजना की वर्तमान स्थिति पर स्पष्ट जानकारी आनी चाहिए।
सड़क बंद होने से व्यापारी-आम जनता परेशान
महाराजा चौक-बोरसी और जेल चौक-मिनीमाता चौक मार्ग पर पिछले 4-5 महीनों से निर्माण कार्य अटका है। सड़क बंद होने से आम नागरिकों और व्यापारियों को भारी परेशानी हो रही है। वोरा ने कहा कि दीपावली जैसे त्योहारों में इन मार्गों पर दबाव और बढ़ेगा, इसलिए यातायात सुचारु रखने और निर्माण में तेजी लाने के लिए ठोस कदम जरूरी हैं।
