फार्म सील
भिलाई : न्यूज़ 36 : दुर्ग जिले के मुडपार-नारधा गांव में स्थित सूअर पालन केंद्र में खतरनाक बीमारी अफ्रीकन स्वाइन फीचर की पुष्टि के बाद हड़कंप मच गया है। इस संक्रमण के चलते अब तक 100 से ज्यादा सूअरों की मौत हो चुकी है, जबकि बचे हुए संक्रमित सूअरों को भी नष्ट कर दिया गया है। उपसंचालक पशु चिकित्सा सेवाएं दुर्ग डॉ वसीम शम्स ने सीजी न्यूज ऑनलाइन से चर्चा करते हुए बताया कि इस बीमारी से पैनिक होने की आवश्यकता नहीं है इसका संक्रमण केवल और केवल सूअर से सूअर के मध्य ही होता है। इसके मांस को खाने के बाद भी संक्रमण का कोई खतरा मनुष्य अथवा अन्य किसी प्राणी पर भी नहीं है।
लगातार हो रही थी सूअरों की मौत
फार्म में अचानक बड़ी संख्या में सूअरों की मौत होने लगी, जिससे संचालक को बीमारी की आशंका हुई। इसके बाद पशुपालन विभाग को सूचना दी गई। विभाग ने 29 मार्च को सैंपल लेकर जांच के लिए भेजा।
भोपाल लैब से आई रिपोर्ट पॉजिटिव
सैंपल को हाई सिक्योरिटी एनिमल डिजीज लैब, भोपाल भेजा गया था। जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद विभाग ने तत्काल कार्रवाई शुरू की।
83 से ज्यादा सूअरों को किया गया नष्ट
रिपोर्ट आने के बाद सोमवार को पशुपालन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और फार्म में मौजूद 83 से अधिक सूअरों को इंजेक्शन देकर मार दिया गया। इसके बाद सभी मृत सूअरों को निर्धारित गाइडलाइन के अनुसार सुरक्षित तरीके से दफनाया गया।
प्रमुख सप्लाई सेंटर है नारधा-मुडपार
नारधा-मुडपार क्षेत्र दुर्ग-भिलाई सहित्त प्रदेश और अन्य राज्यों में सूअर मांस सप्लाई का प्रमुख केंद्र रहा है। यहां बड़े पैमाने पर सूअर पालन किया जाता है, जिससे इस बीमारी का प्रभाव व्यापक हो सकता है।
क्या है अफ्रीकन स्वाइन फीवर
डिप्टी डायरेक्टर पशु चिकित्सा सेवाएं दुर्ग डॉक्टर वसीम शम्स के अनुसार, अफ्रीकन स्वाइन फीवर एक अत्यंत खतरनाक वायरल बीमारी है, इस बीमारी का संक्रमण केवल सुअर से सुअरो के मध्य ही होता है। इस बीमारी के संक्रमण का खतरा मनुष्य एवं अन्य कोई पशु या जानवरों को भी नहीं है।
इंसानों एवं अन्य पशुओं के लिए कोई खतरा नहीं
विशेषज्ञों के मुताबिक यह बीमारी इंसानों या अन्य जानवरों को प्रभावित नहीं करती, लेकिन सूअरों के लिए घातक है। इसका कोई इलाज या वैक्सीन उपलब्ध नहीं है, इसलिए संक्रमित पशुओं को नष्ट करना ही एकमात्र उपाय है।
फार्म को किया गया सील, निगरानी बढ़ी
रिपोर्ट आने के बाद प्रशासन ने संबंधित फार्म को सील कर दिया है और आसपास के क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी गई है, ताकि संक्रमण को फैलने से रोका जा सके।
यह घटना पशुपालन क्षेत्र के लिए गंभीर चेतावनी है, वहीं प्रशासन अलर्ट मोड में आकर स्थिति को नियंत्रित करने में जुटा हुआ।
एक से 10 किलोमीटर का एरिया सर्विलांस में
डॉ वसीम शम्स ने बताया कि इस बीमारी का पता लगने के बाद संबंधित सूअर पालन केंद्र से 1 से 10 किलोमीटर तक के परिधि क्षेत्र को सर्विलांस एरिया मानकर अलर्ट मोड पर रखा जाता है। परंतु संक्रमित फार्म हाउस से 10 किलोमीटर की परिधि पर अन्य कोई पालन केंद्र नहीं है।
