राज्य में अल्पसंख्यक समुदाय पर बढ़ते उत्पीड़न की शिकायत के साथ की कार्रवाई की मांग
भिलाई : न्यूज़ 36 : छत्तीसगढ़ मुस्लिम समाज के एक प्रतिनिधि मंडल ने गुरुवार 28 फरवरी को राजधानी रायपुर में राज्यपाल बिश्वभूषण हरिचंदन से मुलाकात कर उन्हें रमज़ान में इफ्तार कार्यक्रम में आने की दावत दी और उन्हें राज्य में होने वाली सांप्रदायिक घटनाओ से अवगत कराते हुए चिंता जाहिर की। राज्यपाल हरिचंदन ने प्रतिनिधिमंडल की सारी बातें ध्यान से सुनीं और ज्ञापन में उल्लेखित बिंदुओं पर संज्ञान लेकर उचित कार्यवाही कराने का वादा किया।
दुर्ग-भिलाई, राजनांदगांव व रायपुर सहित प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से पहुंचे इस प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल को बताया कि छत्तीसगढ़ एक शांत प्रदेश है, यहां पर विभिन्न धर्म, जाति एवं भिन्न भिन्न प्रांतो से आये हुए लोग बरसो से आपस में सौहार्द्र पूर्ण वातावरण में रहते आये है। छत्तीसगढ़ में मुस्लिम आबादी लगभग 3 प्रतिशत है जो मुख्यतः बड़े शहरो कस्बों और गांव में निवासरत है। लेकिन हाल की घटनाओं से मुस्लिम समुदाय चिंतित है।

प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि राजधानी रायपुर के क़रीब तिल्दा औद्योगिक नगरी में थाने के सामने 23 जनवरी को पुलिस की उपस्थिति में, मदरसे में पढ़ाने वाले धर्म गुरू मौलाना अजगर अली के साथ कतिपय असामाजिक तत्वो द्वारा मारपीट की गई। इस पर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई करने के बजाए तिल्दा पुलिस ने मौलाना को ही जेल भेज दिया। इसी तरह ग्राम भोथीडडीह, जिला धमतरी जो स्थित मदरसा में धमतरी, कुरूद एवं अन्य स्थानों से एक संगठन के लोगों ने सुनियोजित ढंग से मदरसा एवं बगल के मकान में तोडफोड की। इस घटना में मगरलोड पुलिस द्वारा मात्र प्रथम सूचना दर्ज कर कोई कार्रवाई नहीं की गयी और आरोपियों को संरक्षण दिया जा रहा है।
प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि तीसरी घटना कवर्धा में मुस्लिम कब्रिस्तान की बाउंड्रीवाल गिराने की है। जिसे नगर पालिका परिषद कवर्धा द्वारा ही बनवाया गया था और इसकी निर्माण एजेंसी नगर पालिका परिषद कवर्धा ही थी। इसे अतिक्रमण बताते हुए बाउंड्री तोड़ दी गयी। यहाँ यह उल्लेखनीय उक्त निर्माण कार्य जिस सीएमओ द्वारा स्वीकृत किया गया था, वही सीएमओ एन. के. वर्मा वर्तामान में भी इसी पद पर यहीं पदस्थ है तथा उसके बाद भी उनके द्वारा अवैध निर्माण बतलाकर तोड़ दिया गया। इसी प्रकार कवर्धा में 23 दिसंबर को साधराम यादव नामक व्यक्ति की हत्या हुई इस मामले में मोबाईल टावर लोकेशन के आधार पर पुलिस अधीक्षक कवर्धा द्वारा 5 युवक को गिरफ्तार करना बताया गया और पत्रकारों द्वारा मकसद के बाबत पूछने पर गोल मोल बात की गई और देर रात में ही संदेहास्पद परिस्थिति में ऐसे गंभीर मामले में रात में ही मजिस्ट्रेट के सामने पेश कर रिमाण्ड लेकर देर रात को ही जेल दाखिल कराया गया। जबकि पुलिस को बारीकी से जांच करनी थी। सर्वसमाज कवर्धा द्वारा 2 फरवरी को बैठक लेकर सीबीआई जाँच की माँग की गयी
फिर इस मामले को लेकर दिनांक 14 फरवरी को कवर्धा बंद किया गया। हत्या के आरोप में जेल में बंद आरोपीगण के विरूद्ध 18 फरवरी को यूएपीए लगाया गया है।
समाज के प्रतिनिधियों ने निवेदन किया कि इस संदेहास्पद मामले की उच्च स्तरीय जाँच हो एवं अल्पसंख्यक समाज के द्वारा दर्ज कराये मामलों में पुलिस वैधानिक कारवाईं करे ताकि क़ानून को हाथ में लेने वाले तत्वों को सबक़ मिल सके और पीड़ित लोगो को न्याय मिले। जिससे भय का वातावरण ख़त्म हो। राज्यपाल विश्वभूषण हरिचंदन ने ने सारी घटनाओ को संज्ञान लेकर उचित कार्यवाही कराने का वादा किया। इस प्रतिनिधिमंडल में सैय्यद अकील, नौमान अकरम हामिद, शाहिद अली, सैयद सादिक अली और अन्य लोग मौजूद थे।
