‘पठनवीर’ बच्चों का सम्मान कर प्राचार्य ने खुशियां बांटी जीवन के नए पड़ाव की
भिलाई : न्यूज़ 36 : जिला शिक्षा और प्रशिक्षण संस्थान (डाइट) के प्राचार्य पी.सी. मरकले की शासकीय सेवा के पूर्ण होने और सेवानिवृत्ति के अवसर पर सम्मान समारोह का आयोजन स्थानीय स्तर पर किया गया। इस दौरान उपस्थित विशिष्ट वक्ताओं ने श्री मरकले के उत्कृष्ट प्रशासनिक कार्यों, शैक्षिक नवाचारों और नेतृत्व क्षमता की सराहना की।
महत्वाकांक्षी नवाचार ‘पठनवीर’ के विजेताओं से संवाद, किया सम्मान
समारोह का एक मुख्य आकर्षण प्राचार्य मरकले की देखरेख में शुरू किया गया महत्वाकांक्षी नवाचार ‘पठनवीर’ रहा, जो मुख्य रूप से अंग्रेजी भाषा के पठन कौशल पर आधारित था। इसकी जिला स्तरीय प्रतियोगिता 14 अक्टूबर को संपन्न हुई थी। इस अवसर पर प्रतियोगिता के विजेता विद्यार्थियों को मंच पर आमंत्रित किया गया, जिन्होंने बेबाकी से पूछे गए प्रश्नों के उत्तर दिए और अपने अनुभव साझा किए। जानकारी दी गई कि ‘पठनवीर’ अभियान में न केवल अंग्रेजी पठन कौशल का विकास शामिल था, बल्कि तार्किक क्षमता (मैथ्स लॉजिक), त्वरित गणना और सामान्य ज्ञान पर आधारित प्रश्न मंच (क्विज) भी इसका हिस्सा था। इस दौरान प्राचार्य मरकले ने इन बच्चों को सम्मानित करते हुए अपने जीवन के नए पड़ाव की खुशियां परिजनों और अति विशिष्ट अतिथियों के साथ बांटी।
विभिन्न जिलों से पहुंचे शिक्षा जगत के दिग्गज
इस विशेष अवसर पर श्री मरकले के सेवाकाल से जुड़े बिलासपुर, कांकेर, राजनांदगांव और दुर्ग सहित अन्य जिलों से विशिष्टजन उपस्थित रहे। इनमें संयुक्त संचालक के.के. राव, जिला शिक्षा अधिकारी एस.के. धीर, बेमेतरा के जिला शिक्षा अधिकारी अभय जायसवाल, सेवानिवृत्त संयुक्त संचालक आर.आर.एल. ठाकुर, डाइट की पूर्व प्राचार्य, श्रीमती पशीने, डॉ. रजनी नेल्सन, सहायक संचालक डॉ. पुष्पा पुरुषोत्तमन और नोडल आफिसर सत्येंद्र शर्मा सहित कई प्रमुख अधिकारियों ने प्राचार्य मरकले के व्यक्तित्व और उनके कृतित्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। समारोह के दौरान वक्ताओं ने बताया कि पी.सी. मरकले ने अपने दृढ़निश्चय और संकल्प शक्ति से संस्थान की गरिमा और गौरव को काफी ऊंचाइयों तक पहुंचाया है। डाइट में कार्यभार ग्रहण करने के बाद से ही उन्होंने गुणवत्तायुक्त शिक्षक-प्रशिक्षण, शैक्षिक नवाचारों और संस्थागत विकास के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए। उन्होंने संस्थान में एक विशिष्ट कार्य-संस्कृति विकसित की तथा अपने समृद्ध अनुभवों एवं नवाचारों से अकादमिक सदस्यों का लगातार मार्गदर्शन कर उनका मनोबल बढ़ाया।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और पारिवारिक सहभागिता
प्रशासनिक और अकादमिक दक्षता के साथ-साथ कला को अपने भीतर समाहित करने वाले प्राचार्य मरकले के सम्मान में आयोजित इस समारोह में उनके पारिवारिक सदस्यों ने भी हिस्सा लिया। इस दौरान मधुर गीतों की प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम में एक अलग ही समां बांध दिया। समारोह के अंत में शासकीय अधिकारी, कर्मचारी, संस्थान के सभी अकादमिक सदस्य एवं उनके परिजन बड़ी संख्या में उपस्थित होकर प्राचार्य के उज्ज्वल भविष्य और स्वस्थ जीवन की कामना की। इस अवसर पर डाइट स्टाफ सदस्य डॉ शिशिरकना भट्टाचार्य, डॉ नीलम दुबे, डॉ वंदना सिंह एवं अन्य समस्त अकादमिक अधिकारी कर्मचारियों का विशिष्ट सहयोग रहा।
