मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की गरिमामयी उपस्थिति में हुआ समझौता,
दुर्ग आईटीआई क्लस्टर के उन्नयन में बीएसपी निभाएगा एंकर इंडस्ट्री पार्टनर की भूमिका
भिलाई : न्यूज़ 36 : भिलाई इस्पात संयंत्र ने प्रधानमंत्री स्किलिंग एंड एम्प्लॉयबिलिटी ट्रांसफॉर्मेशन थ्रू अपग्रेडेड आईटीआई (पीएम-सेतु) योजना के अंतर्गत छत्तीसगढ़ शासन के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए। यह समझौता 13 अक्टूबर 2026 को छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, माननीय तकनीकी शिक्षा मंत्री गुरु खुशवंत साहेब तथा सचिव, कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार विभाग, डॉ. बसवराजू एस. की गरिमामयी उपस्थिति में किया गया।
इस अवसर पर भिलाई इस्पात संयंत्र के कार्यपालक निदेशक (मानव संसाधन) पवन कुमार के नेतृत्व में आयोजित कार्यक्रम के दौरान राज्य शासन की ओर से संचालक, रोजगार एवं प्रशिक्षण, हेमंत रमेश नंदनवार तथा सेल-भिलाई इस्पात संयंत्र की ओर से महाप्रबंधक प्रभारी (मानव संसाधन-ज्ञानार्जन एवं विकास) संजीव कुमार श्रीवास्तव ने समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए।
इस समझौते के अंतर्गत सेल-भिलाई इस्पात संयंत्र, दुर्ग हब-एंड-स्पोक आईटीआई क्लस्टर के लिए एंकर इंडस्ट्री पार्टनर (एआईपी) की भूमिका निभाएगा। इस पहल का प्रमुख उद्देश्य शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) का आधुनिकीकरण करना, उद्योग एवं प्रशिक्षण संस्थानों के बीच सहयोग को सुदृढ़ करना तथा युवाओं को उद्योग की आवश्यकताओं के अनुरूप कौशल प्रशिक्षण प्रदान कर उनकी रोजगार क्षमता में वृद्धि करना है।
प्रस्तावित क्लस्टर में शासकीय आईटीआई, दुर्ग को हब के रूप में विकसित किया जाएगा, जबकि शासकीय आईटीआई, भिलाई.शासकीय महिला आईटीआई, भिलाई; शासकीय आईटीआई, डौंडीलोहारा तथा शासकीय आईटीआई, राजनांदगांव को स्पोक संस्थानों के रूप में शामिल किया गया है। इस क्लस्टर आधारित व्यवस्था के माध्यम से प्रशिक्षण सुविधाओं एवं संसाधनों का बेहतर उपयोग करते हुए कौशल विकास कार्यक्रमों को उद्योग की जरूरतों के अनुरूप बनाने की परिकल्पना की गई है।
योजना के अंतर्गत प्रशिक्षण अधोसंरचना के आधुनिकीकरण, उद्योग-अनुरूप एवं उभरती प्रौद्योगिकियों पर आधारित पाठ्यक्रमों की शुरुआत तथा कार्यशालाओं एवं प्रयोगशालाओं के उन्नयन पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इसके साथ ही संकाय विकास, कार्यस्थल आधारित प्रशिक्षण (ऑन-द-जॉब ट्रेनिंग), अप्रेंटिसशिप तथा प्लेसमेंट के अवसरों को बढ़ावा देने की दिशा में कार्य किया जाएगा।
इस पहल में महिलाओं के कौशल विकास के अवसरों को सुदृढ़ करने तथा उभरते औद्योगिक क्षेत्रों में उनकी भागीदारी बढ़ाने को भी प्राथमिकता दी जाएगी। प्रशिक्षणार्थियों को करियर मार्गदर्शन, मेंटरिंग और प्लेसमेंट संबंधी सहायता उपलब्ध कराने पर भी विशेष ध्यान केंद्रित किया जाएगा, ताकि वे बदलती औद्योगिक आवश्यकताओं के अनुरूप स्वयं को तैयार कर सकें।
पीएम-सेतु योजना के अंतर्गत चिन्हित आईटीआई क्लस्टर का उन्नयन एवं प्रबंधन उद्योग-नेतृत्व वाले विशेष प्रयोजन वाहन (एसपीवी) के माध्यम से किया जाएगा, जिसमें सेल/बीएसपी की बहुलांश हिस्सेदारी होगी। योजना के तहत केंद्र सरकार, राज्य सरकार तथा उद्योग की सहभागिता से कौशल विकास संबंधी आधुनिक अधोसंरचना एवं प्रशिक्षण सुविधाओं के विकास के लिए समन्वित निवेश संभव हो सकेगा।
छत्तीसगढ़ शासन के साथ यह समझौता राज्य में तकनीकी एवं व्यावसायिक शिक्षा को उद्योग की आवश्यकताओं के अनुरूप विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस पहल से युवाओं के लिए कौशल विकास एवं रोजगार के नए अवसर सृजित करने, कुशल जनशक्ति की उपलब्धता बढ़ाने तथा केंद्र सरकार के ‘स्किल इंडिया’ और ‘विकसित भारत’ के उद्देश्यों को आगे बढ़ाने में सहायता मिलगी।
