Friday, October 2, 2026

अवैध बांग्लादेशी नागरिक को शरण देने के मामले में हरेराम प्रसाद जिला बदर

एक साल तक दुर्ग समेत 7 जिलों में प्रवेश पर रोक, कलेक्टर दुर्ग ने दिया आदेश

दुर्ग : न्यूज़ 36 : दुर्ग कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी अभिजीत सिंह ने आपराधिक गतिविधियों में लगातार संलिप्त रहने और अवैध बांग्लादेशी नागरिक की पहचान छिपाकर उसे अपने घर में रखने के मामले में आरोपी हरेराम प्रसाद के खिलाफ जिला बदर की कार्रवाई की है। आदेश के तहत उसे दुर्ग सहित सीमावर्ती 7 जिलों की सीमाओं से एक वर्ष तक बाहर रहने के निर्देश दिए गए हैं।

कलेक्टर द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य सुरक्षा अधिनियम, 1990 की धारा 5(क) (ख) के तहत जारी आदेश के अनुसार, हरेराम प्रसाद पिता दयानाथ प्रसाद, निवासी कांट्रेक्टर कॉलोनी सुपेला को आदेश जारी होने की तारीख से एक सप्ताह के भीतर दुर्ग जिला छोड़ना होगा। इसके साथ ही उसे दुर्ग के अलावा रायपुर, बेमेतरा, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई, राजनांदगांव, बालोद एवं धमतरी जिलों की सीमाओं में भी प्रवेश पर प्रतिबंध रहेगा।
यह प्रतिबंध 1 अक्टूबर 2026 से एक वर्ष तक प्रभावी रहेगा। इस अवधि में जिला दण्डाधिकारी की पूर्व अनुमति के बिना संबंधित जिलों की सीमा में प्रवेश करने पर प्रतिबंध लागू रहेगा।

1999 से आपराधिक गतिविधियों में संलिप्तता का रिकॉर्ड

जिला प्रशासन के अनुसार, पुलिस अधीक्षक दुर्ग द्वारा प्रस्तुत प्रतिवेदन एवं सुपेला थाना के आपराधिक रिकॉर्ड के आधार पर हरेराम प्रसाद वर्ष 1999 से लगातार आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त रहा है।

उसके खिलाफ मारपीट, बलवा, रास्ता रोककर डराने-धमकाने, हत्या के प्रयास, चोरी और जुआ एक्ट सहित करीब 18 आपराधिक प्रकरण दर्ज होने की जानकारी सामने आई है।

पुलिस द्वारा समय-समय पर आरोपी के खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई भी की गई, लेकिन उसके आपराधिक आचरण में सुधार नहीं होने की बात जिला प्रशासन ने आदेश में कही है। प्रशासन के अनुसार, आरोपी के भय के कारण आम लोगों में भय का माहौल बना रहता है और लोग उसके खिलाफ रिपोर्ट या साक्ष्य देने से भी डरते हैं।

बांग्लादेशी नागरिक की पहचान छिपाने का मामला भी दर्ज

जिला प्रशासन के मुताबिक आरोपी के वर्ष 2025 के आपराधिक रिकॉर्ड में एक अवैध बांग्लादेशी नागरिक की पहचान छिपाकर उसे अपने घर में रखने का मामला भी शामिल है। सुपेला थाने में इस संबंध में अपराध क्रमांक 571/2025 दर्ज किया गया है।

मामले में BNS की धारा 318(4), 319(2), 336(3) एवं 3(5) के तहत अपराध दर्ज किया गया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के प्रतिवेदन, थाना सुपेला की जरायम सूची, गवाहों के कथनों और उपलब्ध दस्तावेजों के परीक्षण के बाद जिला दण्डाधिकारी ने लोक शांति एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से जिला बदर की कार्रवाई की है।

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