पलवल में बदल रहा था ठिकाने
भिलाई : न्यूज़ 36 : हथखोज क्षेत्र में वर्ष 2024 में हुई युवक की हत्या के मामले में करीब दो साल से फरार चल रहे आरोपी को पुरानी भिलाई पुलिस ने हरियाणा के पलवल से गिरफ्तार किया है।
आरोपी अपनी पहचान छिपाकर लगातार ठिकाने बदलते हए पलवल में रह रहा था। स्थायी वारंट की तामिली के दौरान पुलिस टीम ने उसकी पतासाजी कर 5 सितंबर 2026 को गिरफ्तार किया।
पुलिस के अनुसार, 15 सितंबर 2024 को निकेश यादव अपने दोस्त नरेन्द्र नवरंगे और आयुष गायकवाड के साथ नया मोबाइल किस्त में खरीदने के लिए मोटरसाइकिल से जा रहा था। मोबाइल खरीदने के संबंध में उनकी आरोपी जितेन्द्र वर्मा से बातचीत हुई थी। जितेन्द्र ने छावनी आने और मोबाइल दिलाने की बात कही। रास्ते में एसीसी चौक के पास जितेन्द्र अपने साथियों सोनू उर्फ इंद्रपाल सिंह और सुमीत जायसवाल के साथ मिला।
इसके बाद सभी हथखोज स्थित बीईसी कंपनी के पीछे पहुंचे। वहां शराब पीने की बात को लेकर नरेन्द्र नवरंगे और आरोपियों के बीच विवाद हो गया। विवाद बढने पर आरोपियों ने नरेन्द्र के साथ हाथ-मुक्कों से मारपीट शुरु कर दी। बीच-बचाव करने पर निकेश और गवाह को भी धमकाया गया।
इसी दौरान आरोपी जितेन्द्र वर्मा ने नरेन्द्र पर बेल्ट से हमला किया। बेल्ट टूटने के बाद उसने पास पड़े वजनी पत्थर से नरेन्द्र के सिर पर प्राणघातक वार कर दिया। गंभीर चोट लगने से नरेन्द्र की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद सभी आरोपी फरार हो गए।
प्रार्थी की रिपोर्ट पर थाना पुरानी भिलाई में मामला दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरु की। विवेचना में जितेन्द्र वर्मा, सोनू और सुमीत जायसवाल की घटना में संलिप्तता सामने आई। मुख्य आरोपी जितेन्द्र वर्मा के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद न्यायालय ने उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
दो साल से पुलिस को दे रहा था चकमा
मामले में फरार चल रहे आरोपी सोनू उर्फ इंद्रपाल सिंह (27 वर्ष) के खिलाफ न्यायालय से स्थायी वारंट जारी था। आरोपी की तलाश और वारंट की तामिली के दौरान पुलिस को उसके हरियाणा के पलवल में छिपे होने की जानकारी मिली। इसके बाद पुरानी भिलाई पुलिस की टीम ने पलवल पहुंचकर आरोपी को 5 सितंबर को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश किया, जहां से 7 सितंबर 2026 तक ट्रांजिट रिमांड प्राप्त किया गया है। आरोपी मूल रूप से ग्राम कोलहुवा, थाना बेन, जिला नालंदा, बिहार का निवासी बताया गया है।
मोबाइल खरीदने के बहाने सुनसान जगह ले गए थे
पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने मोबाइल खरीदने के बहाने मृतक को अपने साथ लिया और उसे हथखोज स्थित सुनसान स्थान पर ले गए। वहां शराब पीने को लेकर विवाद शुरु हुआ। विवाद के दौरान पहले हाथ-मुक्का और बेल्ट से मारपीट की गई तथा बाद में वजनी पत्थर से वार कर हत्या कर दी गई।
इस कार्रवाई में थाना पुरानी भिलाई के निरीक्षक विजय यादव, प्रधान आरक्षक सत्येन्द्र मठरिया, आरक्षक नरेन्द यादव, उप निरीक्षक एसआर नुरेटी, प्रधान आरक्षक जशपाल सिंह तथा एसीसीयू भिलाई के आरक्षक सनत भारती की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
दुर्ग पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि विवाद की स्थिति में कानून हाथ में न लें और किसी भी आपराधिक घटना की सूचना तत्काल पुलिस को दें। पुलिस ने फरार आरोपियों और कानून-विरोधी गतिविधियों में संलिप्त व्यक्तियों की जानकारी उपलब्ध कराने की भी अपील की है।
