ऑनलाइन ठगी, OTP, UPI फ्रॉड, फर्जी लिंक और साइबर ब्लैकमेलिंग से बचाव के बताए तरीके
भिलाई : न्यूज़ 36 : साइबर अपराधों से बचाव और डिजिटल सुरक्षा के प्रति जागरुकता बढ़ाने के उद्देश्य से दुर्ग पुलिस द्वारा चलाए जा रहे “साइबर जागृति अभियान” के तहत थाना उतई पुलिस टीम ने CISF क्षेत्रीय प्रशिक्षण केन्द्र (RTC) उतई में जागरुकता कार्यक्रम आयोजित किया। कार्यक्रम में करीब 1000 ट्रेनी जवानों, अधिकारी एवं कर्मचारियों को साइबर अपराधों से बचाव के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी दी गई।
पुलिस टीम ने जवानों एवं कर्मचारियों को ऑनलाइन ठगी, फर्जी कॉल, फर्जी लिंक, OTP फ्रॉड, KYC अपडेट के नाम पर ठगी, बैंकिंग एवं UPI फ्रॉड सहित विभिन्न साइबर अपराधों के बारे में जानकारी दी। इसके साथ ही सोशल मीडिया अकाउंट हैकिंग, साइबर ब्लैकमेलिंग तथा अनजान लिंक और अज्ञात मोबाइल एप्लीकेशन के माध्यम से होने वाली ठगी से सतर्क रहने की समझाइश दी गई।
OTP, PIN और बैंकिंग जानकारी साझा नहीं करने की समझाइश
जागरुकता कार्यक्रम के दौरान पुलिस ने बताया कि किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ OTP, ATM/डेबिट कार्ड की जानकारी, CVV, PIN, UPI PIN, बैंक
खाते से संबंधित जानकारी अथवा व्यक्तिगत दस्तावेज साझा नहीं करना चाहिए। अनजान लिंक पर क्लिक करने और अज्ञात मोबाइल एप्लीकेशन डाउनलोड करने से भी बचने की सलाह दी गई।
पुलिस ने समझाया कि साइबर अपराधी अक्सर बैंक अधिकारी, पुलिस अधिकारी, KYC विभाग, रिश्तेदार अथवा अन्य विश्वसनीय संस्थाओं का नाम लेकर लोगों को झांसे में लेते हैं। ऐसे किसी भी संदिग्ध कॉल या संदेश पर जल्दबाजी में प्रतिक्रिया न देने और संबंधित संस्था से आधिकारिक माध्यम से पुष्टि करने की सलाह दी गई।
ठगी होने पर तत्काल 1930 पर करें शिकायत
पुलिस टीम ने साइबर ठगी का शिकार होने की स्थिति में समय गंवाए बिना राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराने तथा संबंधित बैंक को तत्काल सूचना देने की प्रक्रिया की जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि समय पर शिकायत करने से ठगी की रकम को रोकने की संभावना बढ़ सकती है।
दुर्ग पुलिस ने कहा कि डिजिटल माध्यमों का इस्तेमाल करते समय प्रत्येक व्यक्ति को सतर्क रहने की आवश्यकता है। पुलिस ने जवानों एवं कर्मचारियों से अपील की कि वे स्वयं साइबर अपराधों से बचने के साथ-साथ अपने परिवार और परिचितों को भी साइबर सुरक्षा के प्रति जागरुक करें।
दुर्ग पुलिस का संदेश है- “सतर्क रहें, सुरक्षित रहें। साइबर अपराध से बचाव ही सबसे प्रभावी सुरक्षा है।”
