प्रकाश पर्व से एक सप्ताह पहले निकलेगा नगर कीर्तन
भिलाई : न्यूज़ 36 : दशम पिता श्री गुरु गोबिंद सिंह साहिब जी का प्रकाश पर्व मूल नानकशाही कैलेंडर के अनुसार 5 जनवरी 2027 को मनाने कोलेकर छत्तीसगढ़ सिख पंचायत, सिख यूथ सेवा समिति एवं भिलाई-दुर्ग के विभिन्न गुरुद्वारा कमेटियों के प्रतिनिधियों की अहम बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता छत्तीसगढ़ सिख पंचायत के अध्यक्ष जसवीर सिंह चहल ने की।
बैठक में प्रकाश पर्व की तिथि को लेकर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। सिख पंचायत के महासचिव गुरुनाम सिंह ने बताया कि मूल/संशोधित नानकशाही कैलेंडर के अनुसार श्री गुरु गोबिंद सिंह जी का प्रकाश पर्व 5 जनवरी को निर्धारित है। बैठक में पंथकपरंपराओं और तिथियों में एकरुपता बनाए रखने के उद्देश्य से सभी उपस्थित प्रतिनिधियों ने सर्वसम्मति से आगामी वर्षों में प्रकाश पर्व 5 जनवरी 2027 को ही मनाने पर सहमति जताई।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि श्री गुरु गोबिंद सिंह साहिब जी के प्रकाश पर्व के उपलक्ष्य में नगर कीर्तन प्रकाश पर्व से एक सप्ताह पूर्व निकाला जाएगा। इसके माध्यम से संगत को गुरु साहिब की शिक्षाओं, त्याग और मानवता के संदेश से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।
सिख युवा समिती के अध्यक्ष इद्रजीत सिंह छोटू एवं कोषाध्यक्ष मलकीत सिंह ने भी 5 जनवरी को प्रकाश पर्व मनाने के निर्णय पर अपनी सहमति व्यक्त की।
बैठक में छत्तीसगढ़ सिख पंचायत के पलविंदर सिंह रंधावा, बलदेव सिंह, हरभजन सिंह चहल, जसवीर सिंह सैनी, हरमिंदर सिंह सैनी, सरबजीत सिंह नंदरा, गुरदेव सिंह, कुलवंत सिंह, बीबी कुलवंत कौर, गुरमीत सिंह चहल, तेजिंदर सिंह हुंदल, बलजिंदर सिंह कलेर, गुरमीत सिंह सोखी, सौदागर सिंह, निर्मल सिंह रंधावा, सुखदेव सिंह लाडी, हरपाल सिंह हैप्पी, पवित्र सिंह, त्रिलोचन सिंह सिद्धू, जगजोत सिंह बिंद्रा, इंद्रपाल सिंह सैनी, जसवंत, सिंह, कुलदीप सिंह, जोगिंदर सिंह, स्वरूप सिंह, पुष्पक सिंह, जसवीर सिंह वेगल, अमृतपाल सिंह, मुखविंदर सिंह, परमजीत सिंह, रौनक सिंह, निशान सिंह, अजीत सिंह खैरा, बलविंदर सिंह, जसेड़ा अनूप सिंह, बलकार सिंह, गुरविंदर सिंह, बलविंदर कौर, सुखविंदर कौर सहित बड़ी संख्या में समाज के सदस्य एवं गुरुद्वारा कमेटियों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
बैठक में उपस्थित सदस्यों ने कहा कि गुरु गोबिंद सिंह जी का जीवन त्याग, साहस, धर्म और मानवता की रक्षा की प्रेरणा देता है। प्रकाश पर्व को एक निर्धारित तिथि पर एकजुट होकर मनाने से समाज में एकता, भाईचारे और पंथक समरसता को और मजबूती मिलेगी।
