10 अगस्त को दी जाएगी दवा, 17 अगस्त को छूटे हुए वर्ग को भी खिलाएंगे कृमि नाशक दवा
भिलाई : न्यूज़ 36 : राष्ट्रीय कृमि मुक्त दिवस (एन डी डी) पर 10 अगस्त को स्वास्थ्य विभाग की ओर से व्यापक तौर पर दवा सेवन कराने अभियान चलाया जाएगा। इस संबंध में नोडल शिक्षक, स्कूल समन्वयक और मितानिन तथा आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का अलग अलग-अलग सत्रों में प्रशिक्षण सत्र आयोजित किया गया।
इस दौरान खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ भुवनेश्वर कठौतिया और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भिलाई 3 चिकित्सा अधिकारी डॉ शिखर अग्रवाल ने कहा कि भोजन से पहले और शौच से आने के बाद साबुन से हाथ धोने की आदत हर किसी को दैनिक जीवन में लाना चाहिए। सब्जियों को धोकर पकाने और फल को धोकर खाना चाहिए। किशोरी स्वास्थ्य कार्यक्रम की नोडल समन्वयक डॉ रश्मि भोसले ने कहा कि परजीवियों को पेट में पहुंचने के रास्तों को बंद करना होगा। पेट में कृमि होने से एनीमिया रोग, बौद्धिक विकास मे कमी , चिड़चिड़ापन, शारीरिक विकास में बाधा, पढ़ाई में मन नहीं लगना, कमजोरी और मानसिक विकास जैसी शिकायतें आम होती है। डॉ. शिखर अग्रवाल ने इनके अलावा बड़ी उम्र के लोगों से भी वर्ष मे दो बार एल्बेंडाजोल कृमिनाशक दवा अवश्य सेवन करने की सलाह दी।
चरोदा भिलाई–3 राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रम के बी ई टी ओ सैय्यद असलम ने प्रतिभागियों को प्रशिक्षण देते हुए बताया कि एनीमिया खून की कमी का एक बड़ा कारण कृमि है। कृमि के परजीवी गंदगी, अस्वच्छता और खुले में बिक्री होने वाले पदार्थ को खाने से शरीर में पहुंचते हैं। इसलिए एक वर्ष से 19 वर्ष आयु समूह के शैक्षणिक संस्थानों के विद्यार्थियों, आंगनबाड़ी केंद्र में आने वाले शिशुओं, शाला त्यागी बच्चों और कॉलेजों के प्रथम वर्ष के स्टूडेंट को एल्बेंडाजोल कृमिनाशक दवा खिलाई जाएगी। एक से दो वर्ष के बच्चों को आधी गोली और 2 से ऊपर आयु से 19 साल तक एक गोली चबाकर खिलाने के निर्देश दिए गए हैं। वही एक से दो वर्ष तक शिशुओं को पीसकर पानी अथवा दूध में देना होता है।
एल एच व्ही आर विश्वास ने प्रशिक्षण सत्र में आए हुए लोगों को बताया कि जो लोग 10 अगस्त को किसी कारणवश दवा नहीं ले पाएंगे उन्हें माप अप राउंड में 17 अगस्त को दवा सेवन कराई जाएगी। इस दौरान डॉ. रवि शंकर सत्यार्थी, सी पी एम विवेक मिंज, सी ए सी अखिलेश वर्मा, निवेश प्रधान, खिलेश वर्मा, हिमांशु सूर्यवंशी और दुर्गा कंवर नारायण साहू सहित शिक्षा विभाग के नोडल शिक्षक व शिक्षिका, मितानिन और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता स्वास्थ्य विभाग का मैदानी अमला उपस्थित था।
