Saturday, June 13, 2026

वाशिंग पाउडर की आड़ में करोड़ों का गुटखा कारोबार बेनकाब

दुर्ग : न्यूज़ 36 : जिले में अवैध गुटखा कारोबार के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाइयों में से एक को अंजाम देते हुए दुर्ग पुलिस ने ग्राम कुथरेल और अंडा क्षेत्र में संचालित दो अवैध गुटखा निर्माण एवं पैकेजिंग इकाइयों का पर्दाफाश किया है। वाशिंग पाउडर निर्माण की आड़ में कथित रूप से जर्दा युक्त सितार सहित विभिन्न तंबाकू उत्पादों का निर्माण किया जा रहा था। पुलिस ने कार्रवाई के दौरान 10 आरोपियों को गिरफ्तार कर भारी मात्रा में कच्चा माल, तैयार गुटखा, पैकेजिंग सामग्री और मशीनें जब्त की हैं।

थाना अंडा पुलिस और एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट (ACCU) की संयुक्त टीम ने मुखबिर की सूचना पर योजनाबद्ध तरीके से दबिश दी। जांच में सामने आया कि परिसर में अलग-अलग यूनिटों में गुटखा निर्माण, पैकेजिंग और वितरण का काम संचालित किया जा रहा था। मौके से सुपारी काटने की मशीनें, तंबाकू मिश्रण तैयार करने के उपकरण, रसायन, पैकिंग मशीनें और बड़ी मात्रा में तैयार एवं अर्द्धनिर्मित उत्पाद बरामद किए गए।

स्वास्थ्य से खिलवाड़, करोड़ों के नेटवर्क की आशंका

पुलिस अधिकारियों के अनुसार प्रारंभिक जांच में संकेत मिले हैं कि यहां तैयार किया जा रहा माल केवल स्थानीय बाजार तक सीमित नहीं था, बल्कि विभिन्न जिलों और राज्यों तक सप्लाई किए जाने की संभावना है। जब्त सामग्री का मूल्यांकन किया जा रहा है तथा पूरे सप्लाई नेटवर्क की गहन जांच जारी है। मामले में थाना अंडा में अपराध क्रमांक 63/2026 एवं 64/2026 दर्ज कर आरोपियों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (हरु) की धारा 318(4), 3(5) तथा कॉपीराइट अधिनियम की धारा 63 के तहत कार्रवाई की गई है।

खाद्य एवं औषधि प्रशासन पर भी उठे सवाल

कुथरेल में लंबे समय से चल रहे इस कथित अवैध कारोबार के उजागर होने के बाद खाद्य एवं औषधि प्रशासन (स्त्रष्ठ) की कार्यप्रणाली भी सवालों के घेरे में आ गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि इतनी बड़ी मात्रा में गुटखा निर्माण और पैकेजिंग का काम लंबे समय से चल रहा था तो संबंधित विभागों को इसकी भनक क्यों नहीं लगी।

हाल ही में विभागीय निरीक्षण और जांच अभियानों के बावजूद इस तरह की गतिविधियों का सामने नहीं आना कई सवाल खड़े कर रहा है। हालांकि विभाग की टीम मौके पर पहुंचकर नमूने एकत्रित कर जांच कर रही है, लेकिन अब तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।

कौन है असली सरगना ?

पुलिस ने मौके से काम कर रहे 10 लोगों को गिरफ्तार किया है, लेकिन जांच का सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह है कि आखिर इस पूरे कारोबार का वास्तविक संचालक कौन है। पुलिस अब आर्थिक लेन-देन, कच्चे माल की खरीद, ब्रॉडिंग, पैकेजिंग और वितरण श्रृंखला की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है।

गौरतलब है कि पूर्व में भी इसी क्षेत्र में अवैध गुटखा कारोबार के एक मामले में दुर्ग के व्यवसायी हरमुख जुमनानी का नाम चर्चा में आया था। ऐसे में इस बार भी लोगों की निगाहें जांच एजेंसियों पर टिकी हैं कि वे केवल मजदूरों और कर्मचारियों तक सीमित न रहकर पूरे नेटवर्क और इसके वास्तविक लाभार्थियों तक पहुंच पाती हैं या नहीं।

गिरफ्तार आरोपी : 

बिरेन्द्र तिवारी (47), बांदा (उ.प्र.)

सुभाष कुमार गौतम (25), हरदोई (उ.प्र.)

सुनील कुमार राजपूत (30), उनाव (उ.प्र.)

करण राजपूत (18), उन्नाव (उ.प्र.)

राजू मस्ताना (32), उन्नाव (उ.प्र.)

राजकुमार यादव (47), कानपुर (उ.प्र.)

रमेश कुमार निषाद (40), फतेहपुर (उ.प्र.)

सतेन्द्र कुमार यादव (35), कानपुर (उ.प्र.)

सोनू यादव (35), कानपुर (उ.प्र.)

बसंत राजपूत (20), उन्नाव (उ.प्र.)

जप्त सामग्री

गुटखा निर्माण में प्रयुक्त कच्चा माल

तंबाकू एवं जर्दा मिश्रण सामग्री

विभिन्न रसायन

सुपारी काटने की मशीनें

गुटखा निर्माण मशीनें पैकेजिंग मशीन एवं पैकिंग सामग्री तैयार गुटखा उत्पाद अर्द्धनिर्मित गुटखा सामग्री

नजरें अब जांच पर

कुथरेल-अंडा में हुई इस कार्रवाई ने जिले में अवैध गुटखा कारोबार से जुड़े लोगों में हड़कंप मचा दिया है। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या पुलिस इस नेटवर्क के वास्तविक संचालकों और आर्थिक लाभार्थियों तक पहुंच पाएगी, या फिर कार्रवाई केवल फैक्ट्री में काम कर रहे लोगों तक ही सीमित रह जाएगी। जिले की जनता और प्रशासनिक हलकों की नजरें अब आगे की जांच और संभावित बड़े खुलासों पर टिकी हैं।

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