Tuesday, June 9, 2026

सजी गजलों की महफिल, जीवंत हुईं बशीर बद्र की रचनाएं

महात्मा गांधी कला मंदिर में ‘एक शाम बशीर बद्र के नाम’ गजल संध्या रखी गई

भिलाई : न्यूज़ 36 : सेल-भिलाई इस्पात संयंत्र के क्रीड़ा, सांस्कृतिक एवं नागरिक सुविधाएं विभाग द्वारा पद्मश्री स्वर्गीय डा. बशीर बद्र की स्मृति में महात्मा गांधी कला मंदिर में एक शाम बशीर बद्र के नाम गजल संध्या का आयोजन किया गया। इस अवसर पर सभागार साहित्य और संगीत का संगम देखने मिला।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कार्यपालक निर्देशक पवन कुमार रहे, विशिष्ट अतिथि के रूप में कार्यपालक निदेशक अरुण कुमार उपस्थित रहे। सेल के भूतपूर्व निदेशक गणतंत्र ओझा विशेष अतिथि के रूप में शामिल हुए। ओए बीएसपी के अध्यक्ष नरेंद्र बंछोर तथा उप महाप्रबंधक एवं ओलंपियन राजेंद्र प्रसाद सहित बड़ी संख्या में साहित्य एवं संगीत प्रेमी उपस्थित रहे।

गजल संध्या का शुभारंभ युवा गजल गायक परन राज भाटिया की प्रस्तुति से हुआ, जिन्होंने डा. बशीर बद्र की रचनाओं को स्वर दिया। इसके बाद अंतरराष्ट्रीय भजन एवं गजल गायक प्रभंजय चतुर्वेदी ने कभी यूं भी आ मेरी आंख में सहित अनेक लोकप्रिय गजल की प्रस्तुति देकर श्रोताओं को भावविभोर कर दिया। मुख्य आकर्षण के रूप में गजलगायिका डा. साधना रहाटगांवकर ने अपनी विशिष्ट शैली में कई कालजयी रचनाएं प्रस्तुत कर वातावरण को और अधिक संगीतमय बना दिया।

मुख्य अतिथि पवन कुमार ने भी मंच से बशीर बद्र की प्रसिद्ध गजल यूं ही बेसबब न फिरा करो की प्रस्तुति दी। ये गजल की सच्ची किताब है, इसे चुपके-चुपके पढ़ा करो को अपने सहज एवं प्रभावी अंदाज़ में प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में तबले पर अवध सिंह ठाकुर, सारंगी पर शफीक हुसैन, बांसुरी पर बिहारी तारम, तबले पर भालचंद्र शेगेकर एवं रामचंद्र सर्पे तथा की-बोर्ड पर साई चक्रवर्ती ने उत्कृष्ट संगत प्रदान की। कार्यक्रम का संचालन सुप्रियो सेन द्वारा किया गया। इस अवसर पर पीटी उल्लास कुमार, दुष्यंत हरमुख, दीपेन हलदार, रवीन्द्र कर्मकार, संदीप बोकीलवार, रवीश कालगांवकर, स्वाति देशपांडे सहित बकला, साहित्य एवं संगीत प्रेमी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन सुप्रियो सेन ने किया।

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