भिलाई : न्यूज़ 36 : दुर्ग-भिलाई में अवैध हथियार और नशीली दवाइयों के बढ़ते खतरे को देखते हुए पुलिस ने कंट्रोल रूम में कूरियर कंपनियों और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के प्रतिनिधियों के लिए एक विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया। इसमें सभी कंपनियों के प्रतिनिधियों को सख्त निर्देश जारी किए गए है, जिसमें अब उन्हें हर संदिग्ध बुकिंग की जानकारी पुलिस को तत्काल देनी होगी। पुलिस अधिकारियों ने साफ तौर पर बताया कि नशीली दवाइयों और अवैध हथियारों का परिवहन, भंडारण और व्यापार गंभीर अपराध है।
ऐसे मामलों में कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाती है। प्रतिनिधियों को NDPS Act और Arms Act से जुड़े नियमों की जानकारी दी गई, ताकि वे समझ सकें कि इन कानूनों का उल्लंघन करने पर क्या सजा हो सकती है। ट्रेनिंग में यह भी बताया गया कि कूरियर और ई-कॉमर्स कंपनियां इस तरह के अपराचों को रोकने में अहम भूमिका निभा सकती है। पुलिस ने निर्देश दिया कि पार्सल बुक करते समय भेजने वाले की पहचान जरूर जांची जाए। इसके लिए KYC प्रक्रिया को सख्ती से लागू करने पर जोर दिया गया। साथ ही किसी भी संदिग्ध पार्सल को बिना जांच के आगे न बढ़ाया जाए। पुलिस अधिकारियों ने स्कैनिंग प्रक्रिया को मजबूत करने की बात भी कही। उन्होंने बताया कि अगर किसी पार्सल में शक हो, तो तुरंत पुलिस को सूचना दी जाए। इससे समय रहते कार्रवाई की जा सकती है और अवैध सामान को पकड़ा जा सकता है। डिलीवरी और पिकअप स्टाफको लेकर भी जरूरी निर्देश दिए गए। पुलिस ने कहा कि सभी कर्मचारियों का पुलिस सत्यापन होना चाहिए। इसके अलावा हर हब और गोदाम में सीसीटीवी कैमरे लगाने और उनकी रिकॉर्डिंग सुरक्षित रखने के लिए भी कहा गया, ताकि जरूरत पड़ने पर जांच में मदद मिल सके। पुलिस ने सभी कंपनियों को निर्देश दिया है कि वे नियमों का पूरी तरह पालन करें और किसी भी तरह की अवैध गतिविधि को नजरअंदाज न करें। पुलिस ने कहा कि अगर कोई संदिग्ध गतिविधि दिखे, तो तुरंत सूचना दें, ताकि समय पर कार्रवाई की जा सके। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण मणिशंकर चंद्रा, डीएसपी क्राइम यदुमणि सिदार सहित पुलिस कंट्रोल रूम दुर्ग के अधिकारी और स्टाफ मौजूद रहे। कूरियर और ई-कॉमर्स कंपनियों के प्रतिनिधियों ने भी इसमें भाग लिया। कूरियर और ई-कॉमर्स कंपनियों के सहयोग से अवैध हथियार और नशीली दवाइयों के कारोबार पर काफी हद तक रोक लगाई जा सकती है।
