Wednesday, April 8, 2026

डाइट की ओर से ब्लू प्रिंट पर आधारित प्रश्न निर्माण प्रशिक्षण दो दिवसीय ओरिएंटेशन कार्यक्रम हुआ दुर्ग में  

‘ब्लूप्रिंट’ आधारित प्रश्न पत्र निर्माण प्रक्रिया में होंगे दक्ष, कार्यशाला में जुटे दो जिलों के शिक्षक

दुर्ग : न्यूज़ 36 : शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार और मूल्यांकन पद्धति को अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डाइट) की ओर से ब्लू प्रिंट पर आधारित प्रश्न निर्माण प्रशिक्षण दो दिवसीय ओरिएंटेशन कार्यक्रम  6 व 7 अप्रैल को सेठ रतन चंद सुराना कॉलेज दुर्ग में आयोजित किया गया। छत्तीसगढ़ राज्य शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) संचालक के आदेशानुसार एवं डाइट प्राचार्य पी सी मरकले के निर्देशानुसार आयोजित इस प्रशिक्षण का प्राथमिक ध्येय हाई स्कूल एवं हायर सेकेंडरी स्तर के व्याख्याताओं को ‘ब्लूप्रिंट’ आधारित प्रश्न पत्र निर्माण प्रक्रिया में दक्ष बनाना रहा।
प्रशिक्षण के नोडल अधिकारी सत्येन्द्र शर्मा ने बताया कि बालोद व दुर्ग जिले के सभी संकाय विज्ञान समूह के अंतर्गत गणित,जीव विज्ञान भौतिक,रसायन विज्ञान, कला समूह के अंतर्गत राजनीति शास्त्र इतिहास भूगोल अर्थशास्त्र ,  वाणिज्य संकाय के अंतर्गत लेखाशास्त्र  एवं व्यवसाय और भाषा समूह के अंतर्गत अंग्रेजी संस्कृत, हिंदी   , एवं कृषि संकाय , पशुपालन  इत्यादि विषयों के ब्लॉक रिसोर्स पर्सन (बीआरजी) का उन्मुखीकरण राज्य स्तर एवं जिला स्तर के मास्टर ट्रेनर द्वारा किया गया।
इस कार्यक्रम में बालोद जिला से 140 बीआरजी और दुर्ग जिला 59 बीआरजी को आमंत्रित किया गया था। सभी विषयों के एसआरजी/ डीआरजी  एचएस भुवाल, कोमल देशमुख राजकुमार गेंद्रे, रत्ना साहू,डॉ पूनम बिचपुरिया, डॉ अनुपमा मौर्य, विवेक ध्रुव, विभा रानी मधु, मृणालिनी पात्रेकर और  डी आर साहू ने 6 डोमेन पर विस्तृत रूप से जानकारी दी। कार्यशाला के विभिन्न सत्रों में डाइट दुर्ग से वरिष्ठ सहायक प्राध्यापक डॉ शिशिरकना भट्टाचार्य एवं डॉ नीलम दुबे, डॉ वंदना सिंह के साथ व्याख्याता अनुजा मुरेकर ने प्रतिभागियों का मार्गदर्शन किया और आधुनिक शिक्षण शास्त्र की बारीकियों पर प्रकाश डाला। इसी तरह वाणिज्य समूह के लिए जिला स्रोत समूह (डीआरजी) के रूप में विवेक धुर्वे और निभा रानी मधु ने अपनी सेवाएं दी।
नोडल अधिकारी सत्येन्द्र शर्मा ने बताया कि बोर्ड परीक्षाओं की निरंतर व्यस्तता के कारण यह प्रशिक्षण पूर्व में आयोजित नहीं किया जा सका था, जिसे अब शासन के निर्देशों के पालन में अनिवार्य रूप से पूर्ण किया गया। डाइट प्राचार्य ने विश्वास व्यक्त किया है कि इस प्रशिक्षण के माध्यम से जिले के शैक्षणिक स्तर में सकारात्मक बदलाव आएगा और आगामी परीक्षाओं में छात्र बेहतर प्रदर्शन कर सकेंगे।

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