न्यूज़ 36 : म्यूल अकाउंट का उपयोग कर साइबर ठगी के एक मामले में दोषी मोहम्मद रफिक को धारा 317(2) और 61(2) के तहत न्यायालय ने तीन-तीन वर्ष कारावास और 13-13 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। दोनों सजाएं साथ-साथ चलेंगी।

अभियोजन के मुताबिक भारत सरकार गृह मंत्रालय द्वारा संचालित समन्वय पोर्टल के माध्यम से म्यूल खाता के संबंध में जानकारी मिली। इसके बाद पंजाब नेशनल बैंक स्टेशन रोड. दुर्ग के खाता क्रमांक *1654000100274907 का अवलोकन करने पर खाते में खाता धारकं द्वारा साइबर ठगी कर 15 अगस्त 2024 को अलग-अलग दो व्यक्तियों से 25-25 हजार रुपये का छल करते हुए अपने खाते में प्राप्त किया।
उपरोक्त खाता क्रमांक के धारक द्वारा अवैध धन अर्जित करने के लिए बैंक खाते का इस्तेमाल कर आनलाइन साइबर ठगी की रकम प्राप्त करना पाया गया। जांच में खाता धारक की पहचान मोहम्मद रफीक (32) निवासी केजीएन मस्जिद रायपुर नाका के रूप में किया गया।
पूछताछ में आरोपित द्वारा कैम्प-2 छावनी निवासी प्रार्थी सानू खान के खाते का उपयोग साइबर ठगी में करना पाया गया। इसके बदले में आरोपित द्वारा प्रार्थी को पांच हजार रुपये देना बताया गया।

मामले में पुलिस ने आरोपित मोहम्मद रफीक के विरुद्ध धारा 317(2), 317(3), 318 (4) एवं 61(2) बीएनएस के तहत अपराध पंजीबद्ध कर प्रकरण सुनवाई के लिए न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी विरेन्द्र सिंह के न्यायालय में प्रस्तुत किया। न्यायालय में सुनवाई के दौरान शासन की ओर से प्रकरण की पैरवी अपर लोक अभियोजक पंकज बेलचंदन ने की।
