Saturday, March 14, 2026

महिला कर्मचारियों के साथ धोखाधड़ी, बीएसपी के ठेकेदार पर दर्ज होगा एफआईआर

आम आदमी पार्टी ने पीड़ित महिलाओं को दिलाया न्याय

भिलाई : न्यूज 36 : बीएसपी में सफाई ठेका लेने वाले प्रकाश राठौर उर्फ बबलु राठौर के खिलाफ जिला कोर्ट ने कोतवाली पुलिस को एफआईआर करने के निर्देश दिए है। मामले में महिला सफाई कर्मचारियों ने पुलिस प्रशासन और श्रम विभाग द्वारा कार्यवाही नहीं किए जाने से कोर्ट की शरण ली थी। कोर्ट ने पुलिस को धारा 420 के तहत एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए है। यह बातें आम आदमी पार्टी के दुर्ग लोकसभा अध्यक्ष डॉ. एसके अग्रवाल और आरटीआई विंग के प्रदेश अध्यक्ष मेहरबान सिंह ने मीडिया से संयुक्त चर्चा में कही।चर्चा के दौरान पीड़ित महिला कर्मचारी ज्योति, शशि यादव,जसप्रीत सिंह,मालती सोनू यादव,मनीष व अन्य मौजूद रहे। आप के दुर्ग लोकसभा अध्यक्ष डॉ. एसके अग्रवाल ने बताया कि पीड़ित महिलाओं से ठेकेदार बबलु राठौर द्वारा पूर्व नियोजित साजिश के तहत एकाउंट खुलवाए गए। सभी सफाई कर्मियों के एटीएम अपने पास रखे गए, ताकि सभी सफाई कर्मिर्यों के एकाउंट में पैसे डालकर निकाल सके। ठेकेदार द्वारा दुर्ग के कर्मियों का खाता राजनांदगांव के बंधन बैंक में खुलवाया गया था, जबकि खाते में पता अपना दिया गया था।

जिसके आधार पर सभी कर्मियों का एटीएम रख लिया और हर माह इससे लेनदेन करता रहा। शुरुआत में कर्मियों को 25 सौ रुपए दिए। जब श्रम विभाग मे महिलाओं ने शिकायत की तो पता लगा कि हर माह उनका वेतन 9 हजार रुपए जारी हो रहा है। इसके बाद भी उन्हें पूरा वेतन नहीं दिया गया। ठेकेदार ने सफाई कर्मियों के एकाउंट में सैलरी डाली थी, इसलिए वो सही है,लेकिन सभी कर्मियों के एकाउंट से ठेकेदार बबलु राठौर ने पैसे राजनांदगांव के एटीएम से निकाले है।

इसका प्रमाण नगर पुलिस अधीक्षक जितेन्द्र यादव को दिया गया था। इससे स्पष्ट है कि ठेकेदार बबलु राठौर द्वारा पूर्व नियोजित षड़यत्र कर सफाई कर्मियों के साथ धोखाधड़ी की गई है। आप पार्टी के दुर्ग लोकसभा अध्यक्ष एसके अग्रवाल और मेहरबान सिंह ने बताया कि इस सारे घटनाक्रम की जानकारी पीड़ित महिलाओं द्वारा उन्हें दी गई थी, जिसके बाद 31 नवंबर 2021 को नगर पुलिस अधीक्षक से शिकायत की गई। नगर पुलिस अधीक्षक ने उक्त शिकायत को भठठी थाना भेज दिया। दुर्ग कोतवाली से संपर्क किया, तो उनके द्वारा पुन: भठठी थाना भेज दिया गया।

पुलिस के इस व्यवहार पर कोर्ट द्वारा अपने आदेश में कहा गया है कि दुर्ग कोतवाली पुलिस ठेकेदार से मिलकर महिला मजदूरों को प्रताड़ित करती रही। जिसके लिए थाना प्रभारी जिम्मेदार है।

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