सिगरेट मांगने को लेकर शुरु हुआ विवाद
भिलाई : न्यूज़ 36 : छावनी थाना क्षेत्र स्थित एक कैरम सेंटर में हुए हत्या के प्रयास और मारपीट के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 8 आरोपियों जिसमें दो विधि-विरुद्ध बालकों को गिरफ्तार किया है। सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।
सिगरेट मांगने से शुरू हुआ विवाद
पुलिस के अनुसार, 7 अप्रैल 2026 को मोहम्मद वसीम ने थाना छावनी में शिकायत दर्ज कराई थी। उसने बताया कि वह अहमद नगर कैम्प-2 स्थित बड़ी मस्जिद के पास अयाज अहमद सिद्दीकी के कैरम सेंटर में बैठा था। इसी दौरान एक व्यक्ति ने उससे सिगरेट मांगी। वसीम द्वारा दुकान संचालक से सिगरेट मांगने की बात कहने पर विवाद शुरु हो गया।
साथियों को बुलाकर किया हमला
शिकायत के मुताबिक, विवाद के बाद आरोपी ने अपने साथियों को मौके पर बुला लिया। इसके बाद सभी ने मिलकर प्रार्थी के साथ गाली-गलौज की और मारपीट शुरु कर दी। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपियों ने हत्या की नीयत से उसका गला दबाया और नुकीली वस्तु से हमला कर गंभीर चोट पहुंचाई।
पहले भी हुई थी गिरफ्तारी
मामले में पुलिस ने अपराध क्रमांक 198/2026 के तहत विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कर जांच शुरु की थी। विवेचना के दौरान कुछ आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका था। शेष फरार आरोपियों और अपचारी बालकों की तलाश लगातार जारी थी।
फरार आरोपी भी पुलिस के हत्थे चढ़े
लगातार पतासाजी और तकनीकी जांच के बाद पुलिस ने छह फरार आरोपियों और दो अपचारी बालकों को हिरासत में लिया। पूछताछ में सभी ने घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली, जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया गया।
गिरफ्तार आरोपी : गिरफ्तार आरोपियों में शहनवाज कुरैशी उर्फ शानु उर्फ अण्डा (23), शेख अनिस (39), मोहम्मद जाकिर (23), शोएब अख्तर (23), मोहम्मद अली उर्फ लल्लू कुरैशी उर्फ पप्पू कुरैशी (36) और गौरव चौधरी उर्फ उल्लू (19) शामिल हैं। सभी आरोपी कैम्प-2 भिलाई के निवासी हैं। इसके अलावा दो विधि-विरुद्ध बालकों को भी अभिरक्षा में लिया गया है।
कैरम सेंटर बना था वारदात का मैदान
घटना बड़ी मस्जिद के पास स्थित अयाज अहमद सिद्दीकी के कैरम सेंटर में हुई थी, जहां मामूली विवाद ने हिंसक रुप ले लिया और मामला हत्या के प्रयास तक पहुंच गया।
पुलिस की अपील : दुर्ग पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी विवाद की स्थिति में कानून को हाथ में न लें। किसी भी आपराधिक गतिविधि या तनावपूर्ण स्थिति की जानकारी तत्काल पुलिस को दें, ताकि समय रहते उचित कार्रवाई की जा सके।
