खातों में मिले 10 लाख से अधिक के संदिग्ध लेन-देन
भिलाई : न्यूज़ 36 : साइबर ठगी की रकम को बैंक खातों के जरिए इधर-उधर करने वाले म्यूल बैंक खाताधारकों के खिलाफ दुर्ग पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। सुपेला और भिलाई नगर थाना पुलिस ने एसीसीयू के साथ संयुक्त कार्रवाई करते हुए 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच में आरोपियों के बैंक खातों में साइबर ठगी से जुड़ी 10 लाख रुपये से अधिक की संदिग्ध राशि के लेन-देन का खुलासा हुआ है।
पुलिस के अनुसार आरोपी कमीशन के लालच में अपने बैंक खाते साइबर अपराधियों को उपलब्ध कराते थे। एजेंटों के माध्यम से बैंक पासबुक, एटीएम कार्ड, चेकबुक और सिम कार्ड तक दूसरे लोगों को दिए जाने की बात जांच में सामने आई है। इसके बदले आरोपियों को कथित तौर पर 2 हजार से 15 हजार रुपये तक कमीशन मिलता था।
दो थानों में दर्ज हुए मामले
पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर साइबर अपराध और म्यूल बैंक खातों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई। तकनीकी
साक्ष्यों, बैंक खातों के लेन-देन के विश्लेषण और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान की गई।
थाना सुपेला में अपराध क्रमांक 679/2026 के तहत बीएनएस की धारा 318(2), 318(3), 318(4) में 10 आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। वहीं थाना भिलाई नगर में अपराध क्रमांक 388/2026 के तहत इन्हीं धाराओं में 3 आरोपियों के विरुद्ध कार्रवाई की गई।
सुपेला क्षेत्र के 10 आरोपी
सुपेला थाना पुलिस के मामले में गिरफ्तार आरोपियों में अनिरुद्ध बेसरा (26), डिकेश साहू उर्फ गोल्डी (23), संदीप खन्ना (24), दिलबाग सिंह (30), शिव कुमार (32), सुमीत कुमार (26), रेहान कुरैशी (20), ललीत कुमार (24), भोज कुमार देवांगन (24) और धनेश्वर यादव (21) शामिल हैं।
भिलाई नगर के 3 आरोपी
भिलाई नगर थाना क्षेत्र के मामले में अमित कुमार (43), गोपी सोनी (21) और प्रीति उपाध्याय को गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस के मुताबिक सुपेला थाना क्षेत्र में बंधन बैंक से संबंधित 10 बैंक खातों तथा भिलाई नगर थाना क्षेत्र में पंजाब नेशनल बैंक से संबंधित 3 खातों का साइबर ठगी की रकम के लेन-देन में इस्तेमाल पाया गया है।
ठगी की रकम को छिपाने के लिए इस्तेमाल होते थे खाते
जांच में सामने आया कि आरोपी अपने बैंक खाते अन्य लोगों को उपलब्ध कराते थे। इन खातों में साइबर ठगी से प्राप्त रकम जमा कराई जाती और फिर उसे दूसरे बैंक खातों में ट्रांसफर किया जाता था। इस प्रक्रिया के जरिए ठगी की रकम का स्रोत छिपाने का प्रयास किया जाता था।
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने पासबुक, एटीएम कार्ड, चेकबुक, सिम कार्ड, मोबाइल फोन और अन्य संबंधित दस्तावेज जब्त किए हैं।
खाताधारकों को पुलिस की चेतावनी
दुर्ग पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी व्यक्ति को अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड, पासबुक, चेकबुक या मोबाइल सिम उपयोग के लिए उपलब्ध न कराएं। साइबर अपराधी इनका इस्तेमाल ठगी की रकम के लेन-देन में कर सकते हैं और ऐसी स्थिति में खाते के वास्तविक मालिक के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
पुलिस ने कहा कि साइबर अपराध में इस्तेमाल होने वाले म्यूल बैंक खातों तथा ऐसे खाते उपलब्ध कराने वाले लोगों के खिलाफ साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।
